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तनाव से बढ़ता वजन  : जानिए इसके पीछे के कारण, लक्षण और प्रभावी समाधान

Published Date : 2025-12-04        Total Views : 1073

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तनाव से बढ़ता वजन  : जानिए इसके पीछे के कारणलक्षण और प्रभावी समाधान

क्या आप तनाव के कारण वजन बढ़ने से परेशान हैं  जानिए इसके पीछे छिपे हार्मोनल कारणइमोशनल ईटिंगऔर समाधान जैसे मेडिटेशनडाइट और एक्सरसाइज टिप्स  

तनाव और वजन बढ़ने का संबंध  : जानिए कारण और समाधान

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव (Stress) एक आम समस्या बन गई है। चाहे काम का दबाव हो, पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ हों या आर्थिक चिंताएँ—लगभग हर कोई किसी न किसी रूप में तनाव से जूझ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसिक तनाव आपके वजन बढ़ने (Weight Gain) का भी एक बड़ा कारण हो सकता है?

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि तनाव और वजन बढ़ने के बीच क्या संबंध है, इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं, और इसे रोकने या नियंत्रित करने के लिए क्या समाधान अपनाए जा सकते हैं।

🧠 तनाव क्या है ?

तनाव एक मानसिक और शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो तब होती है जब हमारा मस्तिष्क किसी खतरे या चुनौती को महसूस करता है। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब यह लंबे समय तक बना रहता है, तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन जाता है।

 तनाव और वजन बढ़ने के बीच संबंध

1. कॉर्टिसोल हार्मोन का प्रभाव

तनाव की स्थिति में शरीर एक हार्मोन रिलीज करता है जिसे कॉर्टिसोल (Cortisol) कहा जाता है। यह "स्ट्रेस हार्मोन" कहलाता है और इसका मुख्य कार्य शरीर को अलर्ट रखना होता है।

लेकिन जब कॉर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक ऊँचा बना रहता है, तो यह निम्नलिखित प्रभाव डाल सकता है:

भूख बढ़ा देता है

मीठा, तला-भुना और हाई-कैलोरी फूड खाने की इच्छा पैदा करता है

शरीर में चर्बी, विशेषकर पेट के आसपास, जमा होने लगती है

2. इमोशनल ईटिंग (Emotional Eating)

तनावग्रस्त व्यक्ति अक्सर "कम्फर्ट फूड" की ओर आकर्षित होता है जैसे कि चॉकलेट, चिप्स, जंक फूड आदि। इसे "इमोशनल ईटिंग" कहा जाता है, जहाँ व्यक्ति भूख से नहीं, बल्कि भावनात्मक कारणों से खाना खाता है।

3. नींद की कमी

तनाव से नींद पर असर पड़ता है। नींद की कमी:

हार्मोनल असंतुलन पैदा करती है

भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन (घ्रेलिन और लेप्टिन) को प्रभावित करती है

थकान और सुस्ती के कारण शारीरिक गतिविधियाँ कम हो जाती हैं

4. शारीरिक गतिविधि में कमी

तनाव के कारण लोग अक्सर वर्कआउट या एक्सरसाइज से दूरी बना लेते हैं, जिससे कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है।

तनाव कम करके वजन नियंत्रण कैसे करें?

🧘 1. ध्यान और मेडिटेशन

रोजाना 10–20 मिनट का मेडिटेशन मन को शांत करने और कॉर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद करता है। योग और प्राणायाम भी बेहद लाभदायक हैं।

🍎 2. संतुलित आहार लें

प्रोसेस्ड फूड और मीठे खाद्य पदार्थों से परहेज करें

फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन लें

ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे अखरोट, अलसी के बीज) तनाव को कम करने में सहायक हैं

💤 3. अच्छी नींद लें

रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और रिलैक्सिंग रूटीन अपनाएँ।

🚶 4. नियमित व्यायाम करें

सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-स्तरीय शारीरिक गतिविधि (जैसे तेज़ चलना, साइकलिंग, डांस आदि) शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी है।

💬 5. बातचीत करें

कभी-कभी अपने तनाव को शब्दों में बयां करना भी बहुत मददगार होता है। परिवार, मित्र या थेरेपिस्ट से बात करने से मानसिक बोझ हल्का होता है।

📅 6. रूटीन बनाएं

एक निश्चित दिनचर्या से जीवन में अनुशासन आता है और तनाव कम होता है। खाने, सोने और काम करने का समय तय करें।

Q1: क्या हर किसी का तनाव वजन बढ़ाता है ? 

A1: नहीं; प्रभाव व्यक्तिगत होता है—कुछ लोग वजन बढ़ाते हैं, कुछ घटाते हैं; मगर लंबे समय के क्रॉनिक तनाव का वजन बढ़ाने के साथ मजबूत संबंध दिखा है3.

Q2: कौन सा हार्मोन सबसे ज़्यादा जिम्मेदार है? 

A2: मुख्य रूप से कॉर्टिसॉल; लंबे समय तक ऊँचा रहने पर भूख और पेट की वसा बढ़ने का जोखिम होता है.

Q3: भावनात्मक भोजन रोकने के त्वरित उपाय क्या हैं? 

A3: माइंडफुल ईटिंग, पानी पीना, 5‑10 मिनट ब्रेक, हेल्दी स्नैक्स रखना और ट्रिगर डायरी रखना मददगार होते हैं.

Q4: कितना व्यायाम असर दिखाने के लिए आवश्यक है? 

A4: न्यूनतम 150 मिनट मध्यम एरोबिक और हफ्ते में दो बार मसल‑स्ट्रेंथ वर्क प्रभावी होते हैं.

Q5: मुझे कब विशेषज्ञ की जरुरत है?

 A5: अगर आप तनाव/मूड के कारण खाने पर नियंत्रण खो रहे हैं, वजन तेज़ी से बढ़ रहा है या डिप्रेशन/एंग्जायटी गंभीर है तो डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक से मिलें.

📌निष्कर्ष (Conclusion)

तनाव और वजन बढ़ने के बीच गहरा संबंध है। यदि आप केवल वजन घटाने के उपाय कर रहे हैं लेकिन मानसिक तनाव को नजरअंदाज कर रहे हैं, तो आपके प्रयास अधूरे रह सकते हैं। इसलिए, मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें—क्योंकि स्वस्थ मन में ही स्वस्थ शरीर वास करता है।

अगर आप भी तनाव और वजन बढ़ने से परेशान हैं, तो अब समय है चेत जाने का। आज से ही एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाएँ और खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखें।

डॉ.शैलेष मेतलिया  एम.डी. ( मेडिसिन )

मेतलिया हॉस्पिटल एंड आई.सी.सी.यू

अमदावाद गुजरात.

अपॉइंटमेंट : 9408784881

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