Published Date : 2025-07-28 Total Views : 1070
डायबिटीज का खतरा : डिजिटल युग में स्वस्थ जीवन की चुनौतियां
आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती दिनचर्या के कारण, डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह बीमारी आमतौर पर शुरूआत में तो अदृश्य होती है, लेकिन जब उसके लक्षण दिखाई देते हैं, तो वह मामूली से लेकर गंभीर तक हो सकती है। डायबिटीज को "मधुमेह" के नाम से भी जाना जाता है और यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) का स्तर बढ़ जाता है।
डायबिटीज के प्रकार :
प्रकार 1 डायबिटीज ( Type 1) : यह डायबिटीज का प्रकार अधिकांशतः बच्चों और युवाओं में पाया जाता है। इसमें शरीर के इंसुलिन उत्पादन को कमी के कारण उच्च रक्त शर्करा होता है।
प्रकार 2 डायबिटीज ( Type 2 ) : यह सबसे सामान्य प्रकार का डायबिटीज है, जिसमें शरीर इंसुलिन का सही तरीके से उपयोग नहीं करता है और/या पर्याप्त इंसुलिन उत्पादन नहीं होता है। यह आमतौर पर बढ़ते उम्र के लोगों में होता है, लेकिन आजकल युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
डायबिटीज के लक्षण :
डायबिटीज से बचाव के उपाय :
साथ ही, समय-समय पर डॉक्टर की सलाह लेते रहें और नियमित दवाइयों का सेवन करें। डायबिटीज का संज्ञान और उपचार समय रहते ही शुरू करें, क्योंकि इससे होने वाली संभावनाएं और समस्याएं कम होती हैं।
इसलिए, डायबिटीज को हमेशा गंभीरता से लें, और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से इसे नियंत्रित करें। साथ ही, सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से साथियों को इस बीमारी के खतरे के बारे में जागरूक करना भी महत्वपूर्ण है।
डॉ.शैलेष मेतलिया एम.डी. ( मेडिसिन )
मेतलिया हॉस्पिटल एंड आई.सी.सी.यू
अमदावाद , गुजरात.
अपॉइंटमेंट : 9408784881